khansi ke gharelu nuskhe

By D.G Marketing - 4:12 pm

ख़ासी को कैसे करे दूर 

Khansi सेहत के लिए हानिकारक होती है. खांसते-खांसते पूरी छाती में और पेट में दर्द होने लगता है. खाँसी कोई बीमारी नहीं है।  खाँसी यदि बनी रहे तो दुसरे बीमारी पैदा कर देती है। Khansi के कारण दुर्बलता के अलावा गले, साँस की नलियों, फेफड़े व दिल की बीमारियाँ होती है। T.B दमा में भी Khansi प्रमुख लक्षण है। जब तक खाँसी के प्रमुख कारण वाली बीमारी का पूर्ण इलाज न किया जाये तब तक केवल खाँसी की पेटेण्ट वाली दवा पीने से कुछ समय के लिए भले ही फायेदा मिले पर बीमारी ठीक नहीं हो सकती। तो जानते है khansi ke gharelu nuskhe.

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Khansi दो प्रकार की होती है 

(1) सूखी Khansi (2) कंफ Khansi

1. Sukhi Khansi Ke Lakshan
Sukhi Khansi में गला सुख ने लगता है और खराश आती है और गले में मुश्किल से थोड़ा-थोड़ा कंफ आता है। 

2.Kaf Wali Khansi
Kaf Wali Khansi में जरा-सा खाँसने से ही कंफ निकलता है। पुरानी खाँसी में प्रायः कंफ होता है। गरम चीजें खाने-पीने से खाँसी कम चलती है। जुकाम खाँसी होने का प्रमुख कारण है। निम्न खान-पान की चीजें अधिकाधिक प्रयोग करके Khansi ठीक कर सकते है|

Sukhi Khansi Ke Gharelu Upay

गुड़ - 15 ग्राम सरसों का तेल और 15 ग्राम गुड़  मिलाकर चाटने से फायेदा होता है।

तरबूज - सूखी Khansi में तरबूज खाना लाभदायक है। 

आम - पके हुए आम को गरम राख में दबाकर भूनकर ठण्डा होने पर चूसें, इससे Sukhi Khansi ठीक हो जाती है।

खजूर खजूर Sukhi Khansi में फायेदेमंद है। गन्ना-गन्ने का रस पीने से सूखी खाँसी में फायेदा होता है। छाती की घरघराहट जाती रहती है।

काली मिर्च - (1) Khansi में काली मिर्च और मिश्री मुँह में रखें। इससे गला भी खुल जाता है।  

(2) काली मिर्च और मिश्री बराबर मात्रा में पिस लें। इसमें इतना घी मिलायें कि गोली बन जाये। इस गोली को मुँह में रखकर चूसें, हर प्रकार की Khansi में फायेदा होगा।

(3) दस-दस काली मिर्च पीसकर शहद में मिलाकर सुबह-शाम चाटें। रात को काली मिर्च और दूध गरम करके पीयें।

गाजर - गाजर का रस 310 ग्राम, पालक का रस 125 ग्राम मिलाकर पीने से श्वास नली की सूजन (ब्रोन्काइटिस) में आराम होता है। सूखी Khansi में बादाम मुंह में रखने से गला तर रहता है, Sukhi Khansi में फायेदा होता है।

Khansi Khatam Karne Ka Tarika

khansi khatam karne के कुछ घरेलू नुस्खे जो आप को घर में आसानी से मिल जाते है।

काली मिर्च - (1) काली मिर्च और मिश्री मुंह में रखें, इससे गला भी खुल जाता है।

(2) पाँच काली मिर्च और चौथाई चम्मच पिसी हुई सौंठ को एक चम्मच शहद में मिलाकर सुबह-शाम लेने से कफ वाली Khansi ठीक हो जाती है 

(3) एक चम्मच पिसी हुई काली मिर्च ६० ग्राम गुड़ में मिलाकर गोलियाँ बना लें और आधी-आधी दिन रात चूसें, हर तरह की खाँसी ठीक हो जाती है।

(4) काली मिर्च और मिश्री बराबर मात्रा में पीस लें। इसमें इतना घी मिलाले कि गोली बन जाये। इस गोली को मुँह में रख कर चूसें, हर प्रकार की Khansi में फायेदा होगा।

(5) १० - १०  काली मिर्च पीस कर शहद में मिलाकर प्रात:-शाम चाटें। रात को गर्म दूध में दस पिसी हुई काली मिर्च डालकर पीयें।

(6) पिसी हुई दस काली मिर्च एक चम्मच गर्म घी में मिलाकर चाटने से सूखी खाँसी ठीक हो जाती है।

(7) दस काली मिर्च एक गिलास पानी में उबाल कर पीयें।

(8) मिश्री को गाजर के रस में मिलाकर कम आँच पर गाढ़ा होने तक पकाएँ। इसमें पिसी कालीमिर्च का चूर्ण मिलाकर Khansi के रोगी को खिलाने से कफ निकल जाता है और आराम मिलता है।

धनिया - धनिया व मिश्री पीस कर समान मात्रा में दो चम्मच एक कप पानी (चावल भिगोया हुआ पानी) के साथ पिलाने से फायेदा होता है।

नीबू - श्वास, खाँसी में नीबू में काली मिर्च, नमक भरकर चूसने से फायेदा होता है।

नारंगी - Khansi में गर्मी में ठण्डे पानी के साथ और सर्दी में गरम पानी से नारंगी का रस पीने से फायेदा होता है। 

सेब - पकी हुई सेब का रस निकाल कर मिश्री मिलाकर प्रातः पीते रहने से पुरानी Khansi में फायेदा होता है।

आँवला - (1) पिसा हुआ आँवला एक चम्मच शहद में मिलाकर दिन में दो बार चाटें।

(2) सूखी Khansi में ताजे या सूखे आंवला को चटनी के साथ हरे धनिए की पत्तियाँ पीसकर सेवन करें। Khansi में काफी आराम मिलेगा तथा कफ भी निकलेगा। 

अंगूर - अंगूर खाने से फेफड़ों को शक्ति मिलती है। कफ बाहर आ जाता है। अंगूर खाने के बाद पानी न पिए। 

पालक - Khansi में पालक के रस को हल्का-सा गर्म करके कुल्ले करने से फायेदा होता है।

शलगम – शलगम को पानी में उबाल कर शलगम के पानी को छानकर शक्कर मिला कर पीने से फायेदा होता है।

 मेथी - चार चम्मच दाना मेथी एक गिलास पानी में उबालें। आधा पानी रहने पर छानकर गर्म-गर्म ही पीयें।

अंजीर - अंजीर पुरानी खाँसी वाले बीमार वेक्ती को फायेदा पहुंचाता है, क्योंकि यह बलगम को पतला कर काटता रहता है।

दूध - दूध में पाँच पीपल डालें, गर्म कर, शक्कर मिलाकर नित्य सुबह-शाम कुछ महीने पिए।

तिल - यदि सर्दी लगकर खाँसी हो तो चार चम्मच तिल और इतनी ही मिश्री मिलाकर एक गिलास पानी में उबालें, जब आधा पानी रह जाये तो पी जायें। इस तरह तीन बार नित्य पीयें।

दालचीनी - दालचीनी चूसते रहने से Khansi नहीं चलती। ।

लौंग - एक भाग लौंग और दो भाग अनार के छिलके मिलाकर पीसकर इनका चौथाई चम्मच आधे चम्मच शहद में मिलाकर नित्य तीन बार चाटने से Khansi ठीक हो जाती है।

सौंफ - दो चम्मच अजवाइन, दो चम्मच सौंफ, आधा किलो पानी में उबालकर दो चम्मच शहद मिलाकर छान लें। इसकी तीन चम्मच हर घंटे पिलाने से बच्चों की खाँसी दूर हो जाती है।

मिश्री - खाँसी बार-बार चलती हो तो मिश्री का टुकड़ा मुंह में रखें। 

कॉफी - तेज Khansi में बिना दूध की गर्म कॉफी पीयें। 

पान - खाँसी बार-बार चलती हो तो सेकी हुई हल्दी का पिस पान के साथ खायें। Khansi रात को अधिक चलती हो तो पान में अजवाइन डाल कर खायें। पान का पीक निगलते जायें।

अनार - एक भाग सेंधे नमक में आठ भाग अनार का छिलका, पानी डालकर गोलियाँ बना लें। एक-एक गोली तीन बार चूसने से खाँसी ठीक हो जाती है। 

छोटी इलायची - Khansi में छोटी इलायची खाने से फायेदा होता है। 

लहसुन - (1) 62 ग्राम सरसों के तेल में लहसुन की गाँठ को साफ करके उसमें पकाकर रखें। इस तेल की सीने व गले पर मालिश करें। मुनक्का के साथ दिन में तीन बार लहसुन खायें। खटाई खाना छोड़ दें। (2) बीस बूँद लहसुन का रस अनार के शर्बत में मिलाकर पिलायें। हर प्रकार की खाँसी में फायेदा होगा।

पानी - रात को गर्म पानी पीकर सोने से Khansi कम चलती है।

पोदीना - पोदीने की चाय में कुछ नमक डालकर पीने से खाँसी में फायेदा होता है।

गेहूँ - 9 ग्राम सेंधे नमक 20 ग्राम गेहूँ,  को एक गिलास पानी में औटा कर (Boiled) तिहाई पानी रहने पर छानकर पिलाने से छे से सात दिन में खाँसी मिट जाती है।

घी - असली घी और गुड़ को आग पे गरम करें, पिघलने पर खिलायें। छाती पर सेंधा नमक और घी मिलाकर मालिश करें, इससे पुरानी खाँसी अच्छी हो जाती है।

सरसों का तेल - बालक को खाँसी आती हो तो सीने पर सरसों के तेल की मालिश करें। गुदा (Rectum) पर भी तेल लगायें। श्वास हो, कफ जमा हो तो सरसों के तेल में सेंधा नमक मिलाकर मालिश करें। फायेदा होगा।

गुड़ - सर्दियों में गुड़ और काले तिल के लड्डू खाने से खाँसी, दमा, ब्रांकाइटिस दूर होती है।

हल्दी - खाँसी, गले, सीने में घबराहट हो तो हल्दी, गरम पानी नमक घोलकर पिलायें। हल्दी का छोटा-सा टुकड़ा मुँह में रखकर चूसते रहें। खाँसी नहीं आयेगी।

मौसमी - जिन व्यक्तियों को बार-बार Khansi , जुकाम, सर्दी लग जाती है, वे थोड़े समय तक मौसमी का रस पीकर इससे स्थाई रूप से बच सकते हैं।

मुनक्का - खाँसी में मुनक्का फायेदेमंद है। जुकाम बार-बार लगता हो, ठीक ही न होता हो तो 11 मुनक्का, 11 काली मिर्च, 5 बादाम भिगो कर छील लें। फिर इन सबको पीसकर 25 ग्राम मक्खन में मिलाकर रात को सोते समय खायें। प्रातः दूध में पीपल, काली मिर्च, सौंठ डालकर उबाला हुआ दूध पीयें। यह कई महीने करें। जुकाम स्थाई रूप से ठीक हो जायेगा।

फिटकरी - आधा ग्राम पिसी हुई फिटकरी शहद में मिलाकर चाटने से दमा, Khansi  में आराम आता है।

शहद (1) एक नीबू पानी में उबालें फिर निकाल कर काँच के गिलास में निचोड़ें। इसमें एक औंस ग्लिसरीन और तीन औंस शहद मिलाकर हिलायें। इसकी एक-एक चम्मच चार बार लेने से खाँसी चलना बन्द हो जाती है। (2) शहद खाँसी में आराम देता है। 12 ग्राम शहद दिन में तीन बार चाटने से कफ निकल जाता है, Khansi ठीक हो जाती है।

लाल मिर्च - होम्योपैथी में लाल मिर्च से बनी दवा Capsicum annuum है। इसके मदर टिंचर की पाँच-पाँच बूँद गरम पानी में दिन में तीन बार पिलायें। कफ वाली खाँसी में फायेदेमंद है।

अजवाइन - अजवाइन खाकर गरम पानी पीने से खाँसी ठीक हो जाती है। 

अदरक - अदरक का रस 30 ग्राम गरम करके नित्य तीन बार दस दिन पीयें। खाँसी, दमा के लिए बहुत उपयोगी है। परहेज-खटाई, दही का प्रयोग न करें। 12 ग्राम अदरक के पिस करके एक गिलास पानी, दूध, शक्कर मिलाकर चाय की तरह उबाल कर पीने से खाँसी, Jukaam ठीक होता है। घी में गुड़ डालकर गरम करें। दोनों मिलाकर एक होने पर 12 ग्राम पिसी हुई सौंठ डालें। यह एक खुराक है। प्रात: भूखे पेट नित्य सेवन से Khansi जुकाम ठीक होता है। आठ काली मिर्च, स्वादानुसार नमक और गुड़, चौथाई चम्मच पिसी हुई सौंठ, एक गिलास पानी में उबालें। आधा रहने पर गर्म-गर्म सुहाता हुआ पीयें। Khansi ठीक हो जायेगी। दस ग्राम अदरक को बारीक- बारीक कतर कर कटोरी में रखें और 20 ग्राम गुड़ डाल कर आग पर रख दें। थोड़ी देर में गुड़ पिघलने लगेगा तब चम्मच से गुड़ को हिलाकर मिला लें। जब अच्छी तरह पिघल कर दोनों पदार्थ मिल जाएँ तब उतार लें। इसे थोड़ा गरम रहे तब 1 या 2 चम्मच चाटने से कफ युक्त खाँसी मैं आराम होता है। इसे खाने के एक घंटे बाद तक पानी नहीं पीना चाहिए या सोते समय चाटकर कुनकुने गर्म पानी में कुल्लाकर मुंह साफ करके सो जाना चाहिए। बहुत फायेदेमंद उपाय है।

तुलसी  खाँसी ऐसी हो जिससे छाती में दर्द हो, जीर्ण ज्वर हो, तो तुलसी के पत्तों के रस में मिश्री मिलाकर पीने से फायेदा होता है।

(1) पाँच लौंग भूनकर तुलसी के पत्तों के साथ चबाने से सब तरह की खाँसी ठीक हो जाती है। तुलसी की सूखी पत्तियाँ और मिश्री चार ग्राम की एक मात्रा, लेने से खाँसी और फेफड़ों की सरसराहट दूर होती है।

(2) तुलसी के पत्ते और काली मिर्च समान भाग लेकर पीस लें। एक गोली चार बार दें। बलगम बाहर हो जाता है।

(4) तुलसी की 12 ग्राम हरी पत्तियों का काढ़ा (Decoction) बनाकर उसमें चीनी एवं दूध मिलाकर पीने से Khansi व छाती का दर्द दूर होता है।

(5) तुलसी के पत्तों का रस शहद में मिलाकर पिलाने से खाँसी में फायेदा होता है।

(6) 3 ग्राम तुलसी का रस, 6 ग्राम मिश्री, 3 काली मिर्च मिलाकर लेने से छाती के जकड़ने, पुराने बुखार और खाँसी में फायेदा होता है।

(7) ज्वर, Khansi , श्वास रोग में तुलसी की पत्तियों का रस तीन ग्राम, अदरक का रस तीन ग्राम, शहद 5 ग्राम मिलाकर सुबह-शाम चाटें, फायेदा होगा।

(8) जुकाम, Khansi , गलशोथ, फेफड़ों में कफ जमा हो तो तुलसी के सूखे पत्ते, कत्था, कपूर और इलायची समभाग, नौ गुनी शक्कर-सबको बारीक पीस लें। यह होम्योपैथी का 1x विचूर्ण (Trituration) बन जाता है। इसे चुटकी भर सुबह-शाम सेवन करने से जमा हुआ कफ निकल जाता है।

नारियल - सूखा नारियल कस कर बुरादा करके एक कप पानी में चौथाई नारियल दो घंटे भिगोयें। फिर छानकर नारियल का बुरादा निकाल कर पीसें। चटनी-सी बनने पर भिगोये हुए पानी में घोल कर पी जायें। इस प्रकार नित्य तीन बार यह पीयें। इससे खाँसी, फेफड़े के रोग, टी.बी. में फायेदा होता है। शरीर पुष्ट होता है। इसके साथ नारियल भी खायें।

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कूकर Khansi  (Whooping Cough)

कूकर Khansi एक संक्रामक रोग है। एक वेक्ती के होने पर सम्पर्क में आने वाले दुसरे वेक्ती को भी यह हो जाती है। इसे काली खांसी भी कहते हैं

Lagatar Khansi Ka Ilaj - पहले हल्का-सा बुखार रहता है। खाँसी धीरे-धीरे बढ़ती जाती है। दिन-रात बार-बार खाँसी उठती हैं। खाँसी का ताँता-सा बँध जाता है और खाँसते-खाँसते उलटी भी हो जाती है। खाँसने में हूप (Whoop) जैसी आवाज होती है, इसलिए Khansi आधे से एक मिनट तक चलती है। दम घुटता-सा लगता है, आँखें लाल हो जाती है और इसे हूपिंग कफ (Whooping Cough) कहते हैं। यह बच्चों के लिए अति कष्टदायक दीर्घकालीन रोग है। चिकित्सा पद्धतियों की मान्यता है कि इसे ठीक होने में 4-6 सप्ताह लग जाते हैं लेकिन भोजन द्वारा चिकित्सा एवं होम्योपैथिक दवाइयों से यह शीघ्र ठीक हो जाती है।

बच्चों की खांसी - प्याज का रस निकालकर उसे हल्का गर्म करलें. इसे बच्चे को सुबह, दोपहर और शाम को एक-एक चम्मच पिलायें.प्याज का रस हल्का गरम कर बच्चे की छाती पर दो-तीन बार मलना भी चाहिये. तीन- चार दिन में खांसी दूर हो जायेंगी.

नारियल - कूकर Khansi में नारियल का शुद्ध तेल बिना किसी सुगन्ध की मिलावट वाला एक वर्ष के बालक को 4-4 ग्राम नित्य चार बार पिलाने से फायेदा होता है।

लहसुन - (1) पाँच बादाम शाम को पानी में भिगो दें। सुबह छीलकर उसमें मिश्री और एक कली लहसुन की मिलाकर पीस लें और खिलायें। दो-तीन दिन में कूकर खाँसी या काली Khansi ठीक हो जायेगी। बच्चे को लहसुन की माला पहनाना व इसके तेल की मालिश भी फायेदेमंद है।

(2) लहसुन का ताजा रस १० बूंद, शहद और पानी ४ -४  ग्राम, ऐसी एक-एक मात्रा दिन में चार बार दें। गन्ना-कच्ची मूली का रस एक छटाँक (62 ग्राम) गन्ने के रस में मिला कर दिन में २ बार पिलाने से कूकर खाँसी में फायेदा होता है।

फिटकरी - चने की दाल के बराबर पिसी हुई फिटकरी गर्म पानी से दिन में तीन बार लेने से कूकर Khansi ठीक होती है।

लौंग - लौंग को आग में भूनकर शहद में मिलाकर चाटने से काली खाँसी ठीक हो जाती है।

तुलसी तुलसी के पत्ते और काली मिर्च समान भाग पीस लें। इसकी मूंग के बराबर गोलियाँ बना लें। एक-एक गोली चार बार दें। इससे कूकर Khansi ठीक हो जाती है।

अमरूद - एक अमरूद को गर्म रेत या राख में सेक कर सुबह-शाम दो बार खाने से कूकर Khansi में फायेदा होता है।

मक्का - मक्का का भुट्टा जलाकर उसकी राख पीस लें। इसमें स्वाद अनुसार सेंधा नमक मिला लें। दिन में चार बार चौथाई चम्मच गर्म पानी से फंकी लें, फायेदा होगा।

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