Pyaz Ke Fayede प्याज के फायदे

By D.G Marketing - 11:35 am

 प्याज के फायदे

            रोगों के आक्रमण से रक्षा तथा स्वास्थ्य को ठीक रखना Pyaz Ke Gun है. प्याज का वैज्ञानिक नाम अलियम सेपा है और यह लिलिसिया वनस्पति परिवार का एक प्रतिष्ठित पौधा है. 

            कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि Pyaz का जन्म स्थान फिलिस्तीन है, जहां से सदियों पूर्व यह भ्रमणकारियों के द्वारा भारत पहुंचा. लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि प्याज का जन्म भारत में हुआ. वैसे प्राचीन भारतीय धर्म एवं चिकित्सा ग्रंथों में भी यथा स्थान प्याज का वर्णन मिलता है. जिससे ज्ञात होता है कि प्याज हजारों वर्षों से भारत में विद्यमान है.खैर Pyaz का जन्म भारत में हुआ हो या फिलिस्तीन में, यह लाजबाब प्याज Ke Fayede आप इस पोस्ट में पढ़ सकते हो . 

Pyaz-Ke-Fayede

            Pyaz प्रायः संपूर्ण देश में आसानी से उपलब्ध होने वाला कंद है. इसे सब्जी मसाला के साथ-साथ दवा के रूप में भी धड़ल्ले से उपयोग में लाया जाता है. प्याज मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं, एक लाल चमड़े वाली एवं सफेद चमड़े वाली. दोनों ही Pyaz के गुण लगभग एक समान हैं पर चिकित्सा जगत में सफेद Pyaz को श्रेष्ठ माना गया है. इसके अलावा भी लगभग पचास प्रजातियां भारत में उगाई जाती हैं. जिनमें प्रमुख हैं- नासिक लाल, पूसा रतनार, लाल ग्लोब, पूसा रेड, हिसार-2, पंजाब लाल, एंग्लो ग्लोब, प्राईज टेकर, अर्लीग्रानों, पटना ग्लोब, बी.एल-67, उदयपुर-103, बेलारी लाल, पूना लाल आदि. 

Pyaz me konsa vitamin paya jata hai          

              वैज्ञानिक विश्रूषण के अनुसार Pyaz में प्रोटीन-1.8 प्रतिशत, कार्बोहाइड्रेट्स-5.2 प्रतिशत, सोडियम-10.2 प्रतिशत, पोटेशिम- 11.7 प्रतिशत, कैल्सियम-31.2 प्रतिशत, मैग्नेशियम-7.6 प्रतिशत, आयरन-0.3 प्रतिशत, ताम्बा-0.8 प्रतिशत, स्फुर-30 प्रतिशत, क्लोरीन-19.5. विटामिन ए-24, विटामिन बी.-40, विटामिन सी.-52 अन्तर्राष्ट्रीय इकाई प्रति दस लाख यूनिट में पायी जाती है. इसके अतिरिक्त जलवाष्प-47.4 ग्राम, फाइवर-0.7 ग्राम, कैलोरीज-49.0 ग्राम, निकोटिनिक एसिड- 0.4 प्रतिशत, राइबोमलैबिन-10 ग्राम के साथ- साथ कुछ अन्य पदार्थ भी 0.4 ग्राम, प्रति 100 ग्राम Pyaz mai paya jata hai 

                 Pyaz काटते समय अक्सर आंखों से आंसू टपकने लगते हैं, क्योंकि Pyaz में एक विशिष्ट प्रकार का वाष्पशील तेल होता है. उस तेल में बहुत गंधक निहित होता है. प्याज के विशिष्ठ गंध का कारण भी वही वाष्पशील तेल होता है. प्याज काटते समय वाष्पशील तेल उड़कर आंखों में पहुंच जाता है जहां वह एक तरह के अम्ल में बदल जाता है. अम्ल आंखों में उत्तेजना पैदा करता है जिससे आंखें आंसू को बहुतायत में उत्पन्न करके इस उत्तेजना का सामना करती हैं. ये आंसू आंखों को धोकर अम्ल को दूर कर देते हैं. 

            Pyaz खाने के बाद मुंह की गंध से नाक- भौह सिकोड़ना ठीक नहीं है. यदि गंध दबानी हो तो प्याज खाने के बाद थोड़ी सी अजवायन या Tulsi का पत्ता चबा कर खा लें गंध तुरंत कम हो जाएगा. 

            चिकित्सा विज्ञान के अनुसार प्याज उत्तेजना होने के साथ-साथ कीटाणुनाशक भी है. यह शरीर के अंदर जाकर विभिन्न रोगों के कीटाणुओं का संहार भी करती है. नपुंसकता एवं नेत्ररोग में तो Pyaz रामबाण की तरह असर करता है. अतः भोजन एवं सलाद के रूप में प्याज का नियमित सेवन करके इन रोगों से बचा जा सकता है. इसके अलावा अन्य रोगों में भी जादू की तरह असर करता है, आजमाइये और लाभ उठाइये. 

Pyaz Ke Gun

            वनस्पतिशास्त्री के अनुसार प्याज में 50 प्र.श. कैलोरी की मात्रा पाई जाती है. यह तीक्ष्ण, पाचक और रक्तवर्धक है. इसमें जीवनोपयोगी तत्व प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं. इसमें रक्तचाप कम करने की अद्भुत क्षमता होती है. इसलिये अक्सर लोग अपने भोजन के साथ कच्चे प्याज का सेवन करते हैं. फोड़े/फुसी और घाव के लिये तो यह बड़ा कारगर सिद्ध हुआ है. इसके लगातार सेवन करने से रकदोष दूर हो जाते हैं तथा शरीर में नई स्फूर्ति का संचार होता है.
  1. Pyaz काटकर बेहोश व्यक्ति की नाक पर रखने से मिर्गी की बेहोशी दूर हो जाती है. 
  2. यदि कान में दर्द हो रहा हो तो प्याज को गर्म राख में भून कर उसका रस निचोड़ कर कान में टपकायें दर्द फौरन दूर होगा. 
  3. यदि रात में ठीक से नींद नहीं आती हो तो रोजाना रात में प्याज और दही खाया करें, भरपूर नींद आएगी. 
  4. प्याज के टुकड़ों पर नींबू रस व नमक डालकर भोजन के साथ खाने से कब्ज, पेट गैस की बीमारी दूर होती है. 
  5. सुबह शाम कच्चा प्याज खाने से नपुंशकता का नाश होता है और यौन क्षमता बढ़ जाती है. 
  6. बिच्छू-मधुमक्खी के काटने पर प्यास के रस में समभाग नौसादर मिलाकर लगाने से दर्द तुरंत ठीक हो जाता है. 
  7. Pyaz के सेवन से नेत्र विकार भी दूर हो जाते हैं और हैजा, टी.वी. वगैरह जल्दी होने की संभावना नहीं रहती है.
1) सिरदर्द -दो चम्मच प्याज का रस थोड़ी शक्कर मिलाकर पानी के साथ लें. सिरदर्द दूर हो जायेगा. यदि गर्मी की वजह से सिरदर्द हो तो प्याज को पीसकर लुगदी बना लें. लुगदी को माथे पर बांध लें. शीघ्र आराम मिलेगा.
2) बवासीर - दो प्याज लेकर चूल्हे की गर्म राख में भून ले. फिर ऊपर का जला हुआ छिलका उतारकर प्याज को पीस ले. थोड़ा सा घी मिलाकर पीसे प्याज को आग पर सेंककर पोटली बना लें. गुदा पर उससे सेंक करें. पीड़ा से छुटकारा मिलेगा.
3) पेचिस - पेचिस में प्याज का रायता बनाकर दिन में दो बार खाना चाहिये. यदि खूनी पेचिस हो तो एक चम्मच प्याज के ताजे रस में खसखस के दाने के बराबर अफीम मिलाकर दिन में तीन बार लेना चाहिये. बच्चों को एक बार में चौथाई मात्रा देनी चाहिये.
4) रक्त शुद्धि के लिये - पचास ग्राम प्याज के ताजे रस में दस ग्राम मिश्री और एक ग्राम बुना व पिसा हुआ सफेद जीरा मिलाकर रोज सुबह लेने से रक्त शुद्ध होता है. खाज, खुजली जैसे चर्म रोगों में इसका सेवन अति लाभदायक है.
5) प्रदर रोग - पांच ग्राम प्याज के ताजे रस  में ढाई ग्राम पुराना गुड़ मिलाकर सुबह शाम लेने से स्त्रियों को प्रदर रोग में आराम मिलेगा. तेल, मिर्च, खटाई रोगी को छोड़ देना चाहिए.
6) नेत्र रोग - नजर कमजोर होने पर दस ग्राम Pyaz रस में दस ग्राम शुद्ध शहद मिलाकर एक साफ शीशी में रख लें. इसे सुबह शाम सफाई से आंखों में लगायें मोतियाबिंद आरंभ होते ही इसका प्रयोग करने से लाभ होता है और धुंध हट जाती हैं. रतौंधी के रोग में प्याज का ताजा रस सुबह- शाम एक-एक बूंद आंखों में डाले साथ ही पांच ग्राम प्याज के रस में ढाई ग्राम गाय का शुद्ध घी मिलाकर सुबह-शाम खायें. कुछ सप्ताह (2- 3 सप्ताह में) रोग अच्छा हो जायेगा. आंखों में जलन, खुजली, लाली, कंकड सा चलता हो तो सोते समय प्याज का एक बूंद ताजा रस आंखों में डालने से आराम मिलता है.
7) हिचकी Pyaz के रस में बराबर मात्रा में काला नमक मिलाकर सुंघने से हिचकी बंद हो जाती है.
8) मिरगी - मिरगी और बेहोशी होने पर रोगी को प्याज काटकर सुंघाना चाहिए.
9) बच्चों की खांसी - प्याज का रस निकालकर उसे हल्का गर्म करलें. इसे बच्चे को सुबह, दोपहर और शाम को एक-एक चम्मच पिलायें.प्याज का रस हल्का गरम कर बच्चे की छाती पर दो-तीन बार मलना भी चाहिये. तीन-
चार दिन में खांसी दूर हो जायेंगी.
10) विषैले कीड़ों के काटने पर - बिच्छू या किसी विषैले कीड़ों के काटने पर प्याज का ग्स काटे हुये स्थान पर मलना चाहिये. थोड़ी देर में जलन दूर हो जाती है.
11) कटे हुये जख्म - दस ग्राम तम्बाकू और दस ग्राम प्याज लेकर पचास ग्राम सरसों के तेल में पकाये जब कड़कने लगे तो उतारकर कपड़े से छान ले. ठंडा होने पर उसमें थोडी सी मोम मिलाकर मलहम बना लें. कटे हुये जख्मों पर इन्हें अच्छी तरह धोकर लगायें फिर साफ कपड़े की पट्टी बांध ले जख्म जल्दी भरकर सूख जायेगा.
12 ) दर्द, चोट, मोच और सूजन परPyaz की लुगदी को थोड़ा सी हल्दी और घी डालकर, तवा गर्म करके उस पर भूनें और उसकी पोटली बनाकर दर्द, चोट मोच और सूजन के स्थान को सेकें आराम मिलेगा.


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