Naak se khun Behna नाक से खून बहना

By D.G Marketing - 10:05 am

नाक से खून बहना 


            बच्चों को ही नहीं, बड़ों को भी नाक से खून गिरने की शिकायत होती है. यदि ऐसा कभी कभार हो तो चिन्ता की बात नहीं किंतु यदि यह आम शिकायत बन जाए तो चिन्ता होना स्वाभाविक ही है, नाक से खून गिरने को नकसीर (नखलोई) कहते हैं, 

            मौसम के अचानक परिवर्तन से नाक के अंदर की रक्त नलिकाएं या कोशिकाएं खुल जानेपर खून गिरने लगता है. किंतु कुछ लोगों को गर्मी के मौसम में ही नहीं बल्कि शीतकाल में भी नाक से खून गिरने की शिकायत हो जाती है. कुछ लोगों को नाक में अंगुली डालने की भी आदत होती है. लगातार नाक में अंगुली डालने और कुरदने की आदत नुकसान पहुंचाती है. इस आदत के कारण रक्तनलिका या कोशिका पर रगड़ पड़ती है और खून बहने लगता है. सही उपचार न होने से नाक के अंदर खून की पपड़ी जम जाती है और नाक में अंगुली डालने या कुरदने से तुरंत खून बहने लगता है. गर्म पेय पदार्थ, खटाई का प्रयोग ऐसी स्थिति में घातक सिद्ध हो सकता है. इस से पीड़ित लोगों को गर्मी के मौसम में जेब में प्याज रखना चाहिये. तेज गर्मी और धूप से बचने का भी पूरा प्रयास करना चाहिये. 

            नकसीर कोई बीमारी नहीं है किंतु खून गिरना बंद नहीं होता है और कभी भी यदि नाक से खून निकलता है तो उसका प्रभाव हमारे स्वास्थ्य पर पड़ना स्वाभाविकही है. 

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आइये अब एक सरसरी नजर इसके कारणों पर भी डाल लें.

 1.नाक में चोट लगना, नाक के साइनस में इन्फैक्शन होना

 2.नाक में हमेशा अंगुली डालने की आदत होना.

 3.उच्च रक्तचाप की शिकायत होना.

 4.सिर पर चोट लगना, एडनाइड टांसिल्स होना.

 5.वायरल इन्फैक्शन होना.

 6.मौसम में अचानक परिवर्तन होना और बुखार आना.

 7.जरूरत से ज्यादा मिर्च व खटाई का सेवन करना.

8. तेज धूप में खुले सिर जरूरत से ज्यादा घूमना.

9. कुछ दवाओं (एस्पिरिन, हेपेरिन, वारफेरिन) के अनावश्यक प्रयोग व जरूरत से ज्यादा लेना.

10. गुर्दे अथवा लीवर में किसी तरह का रोग होना. 

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            कारण और भी हो सकते हैं. जरूरी है नकसीर से पीड़ित व्यक्ति का सही उपचार. प्राथमिक उपचार की जानकारी यहां जरूरी है. 

            जिस व्यक्ति को भी यह तकलीफ हो रही है उसे सर्वप्रथम बैठ जाना चाहिये, लेटना नहीं चाहिये, नाक को अंगूठे व अंगुली से 2-4 मिनट तक दबाकर रखना चाहिये उस स्थिति में पीड़ित व्यक्ति को चाहिये कि वह मुंह से सांस ले. नाक में अंगुली डालना अनुचित माना गया है, जोर से छींकना भी नुकसान पहुंचाता है. नाक के आसपास, चेहरे व सिर पर बर्फ रगड़ना चाहिये, प्याज काटकर सुंधाना उचित होगा. तेज गर्मी और धूप से बचने का नकसीर से पीड़ित लोगों को हरसंभव प्रयास करना चाहिये, नाक में पपड़ी जम जाने पर उसे कुरेदना नहीं चाहिये. अच्छा होगा यदि ठंडे पानी से नाक को गीला करके उसे आहिस्ता आहिस्ता निकालनी चाहिये. 

            बच्चों को नुकीले खिलौने कभी भी खेलने के लिये न दें. यह भी ध्यान रखें कि आपका बच्चा पेन्सिल तो नाक अथवा कान में नहीं घुसाता है. यदि वह सर्दी के दिनों में नाक में अंगुली डालकर उसकी सफाई करता है, तो उसे समझायें कि यह आदत अच्छी नहीं है. इससे रक्त नलिका को नुकसान हो सकता है और नाक से खून गिर सकता है. नाक हमेशा स्वच्छ रखनी चाहिये. नाक से खून गिरना बीमारी नहीं है. इससे मुक्ति पाना बहुत मुश्किल काम नहीं है.



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